जालसाज ने AI तकनीक का किया गलत इस्तेमाल, BJP लेटरहेड पर फर्जी दस्तावेज तैयार
जयपुर। राजस्थान की राजधानी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के खतरनाक दुरुपयोग का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जयपुर की अशोकनगर थाना पुलिस ने राजनीतिक दलों के लेटरहेड और फर्जी दस्तावेजों के जरिए 30 करोड़ रुपये का फर्जी टेंडर वायरल करने वाले आरोपी को मात्र 12 घंटे के भीतर दबोच लिया है।
नौकरी पाने की सनक: AI से तैयार किए फर्जी राजनीतिक दस्तावेज
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी पुलकित गुप्ता ने पूछताछ में जो खुलासे किए, उसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपी ने बताया कि उसने यह जालसाजी किसी सीधे आर्थिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि एक बड़ी डिजिटल पीआर कंपनी में अपनी 'क्रिएटिविटी' दिखाकर नौकरी पाने के लिए की थी।
कैसे रचा गया फर्जीवाड़े का खेल?
आरोपी ने लैपटॉप और एआई (AI) टूल्स का इस्तेमाल कर बीजेपी आईटी सेल और पार्टी संगठन के जाली दस्तावेज तैयार किए। उसने “NAMODOOT RAJASTHAN CAMPAIGN” के नाम से एक फर्जी प्रोजेक्ट बनाया, जिसमें चुनाव प्रचार और ग्राउंड मोबिलाइजेशन की बात कही गई थी।
-
नेताओं के नाम का दुरुपयोग: दस्तावेजों में भाजपा आईटी सेल के अमित मालवीय और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नाम और जाली लेटरहेड का इस्तेमाल किया गया।
-
30 करोड़ का फर्जी टेंडर: सोशल मीडिया पर वायरल किए गए इन कागजों में 30 करोड़ के टेंडर और ईएमडी राशि का जिक्र कर इसे बिल्कुल असली दिखाने की कोशिश की गई थी।
-
बैंक खाते का सच: जांच में पता चला कि दस्तावेजों में जिस एसबीआई खाते को भाजपा का अधिकृत खाता बताया गया था, वह दरअसल आरोपी की मां के नाम पर था।
कांग्रेस के नाम पर भी कर चुका है जालसाजी
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पुलकित गुप्ता आदतन इस तरह की वारदातों में शामिल रहा है। इससे पहले उसने इसी तरह की फर्जी योजना कांग्रेस के नाम पर भी तैयार की थी। हैरान करने वाली बात यह है कि आरोपी हाल ही में हुए सरकारी कार्यक्रम 'राइजिंग राजस्थान' के सोशल मीडिया कैंपेन में भी काम कर चुका है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
भाजपा नेता अजय कुमार विजयवर्गीय की शिकायत के बाद डीसीपी साउथ राजर्षि राज के निर्देशन में विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी सर्विलांस और सोशल मीडिया ट्रैकिंग की मदद से पुलिस जयपुर के महेश नगर निवासी पुलकित तक पहुंच गई।
जब्त सामग्री: पुलिस ने आरोपी के पास से मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया है। अब इस बात की गहराई से तफ्तीश की जा रही है कि क्या उसने इन फर्जी दस्तावेजों के जरिए किसी संस्था या व्यक्ति से पैसे ऐंठने की कोशिश भी की थी।
पुलिस ने चेतावनी दी है कि एआई टूल्स का इस्तेमाल कर भ्रामक सूचनाएं फैलाना या सरकारी/राजनीतिक दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करना एक गंभीर अपराध है, जिसमें कड़ी सजा का प्रावधान है।

United States पर टैंकर उड़ाने का आरोप, Iran ने दी जवाब की धमकी
दिल्ली के प्रसिद्ध मंदिर को लेकर बड़ा खुलासा, Inter-Services Intelligence की साजिश नाकाम
RCB को शुरुआती झटका, विराट जल्दी पवेलियन लौटे
अब बिना रुके कटेगा टोल, देश में आने वाली है नई तकनीक आधारित व्यवस्था
12 मई को मिलेगा Assam को नया मंत्रिमंडल, शपथ समारोह की तारीख तय