भाजयुमो में लैंगिक असंतुलन, कुछ नेताओं के बेटे भी शामिल
जयपुर: भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा (भाजयुमो) राजस्थान की नई और विशाल (जंबो साइज) प्रदेश कार्यकारिणी का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की हरी झंडी के बाद भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा ने अपनी नई टीम की घोषणा की। इस 63 सदस्यीय विशाल टीम में राज्य के सभी संभागों, जिलों और प्रमुख सामाजिक व जातिगत समीकरणों को साधने की पूरी कोशिश की गई है। इस नई सूची में पुराने चेहरों को बदलते हुए पूरी तरह नए और ऊर्जावान जमीनी कार्यकर्ताओं को संगठन की मुख्यधारा में आगे लाया गया है, जिसमें 7 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री और 9 मंत्रियों की तैनाती की गई है।
'नारी शक्ति वंदन' के दावों के बीच महिलाओं को मिली महज 3 सीटें
इस नई कार्यकारिणी के घोषित होते ही संगठन के भीतर महिला प्रतिनिधित्व को लेकर सुगबुगाहट और सवाल शुरू हो गए हैं। एक तरफ जहां भाजपा लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण देने और 'नारी शक्ति वंदन' का पुरजोर दावा करती है, वहीं भाजयुमो की 63 सदस्यीय टीम में केवल 3 महिला कार्यकर्ताओं को ही जगह मिल पाई है। आनुपातिक तौर पर यहां कम से कम 21 महिलाओं की भागीदारी होनी चाहिए थी। पूरी टीम में केवल निकिता शेखावत (प्रशिक्षण प्रभारी), ट्विंकल शर्मा (सह प्रभारी) और वृंदा राठौड़ (प्रवक्ता) ही अपनी जगह बना सकी हैं। इस पर सफाई देते हुए नेतृत्व का कहना है कि भविष्य में समय-समय पर और महिला कार्यकर्ताओं को जोड़ा जाएगा।
दिग्गज नेताओं के बेटों को मिली बड़ी जिम्मेदारियां
नई सूची में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बेटों को संगठन में काफी तरजीह दी गई है। अजमेर के कद्दावर भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा के बेटे शिवराज सिंह को प्रदेश उपाध्यक्ष पद की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह, सीकर के पूर्व जिलाध्यक्ष मनोज सिंघानिया के बेटे आदित्य सिंघानिया को प्रदेश मंत्री बनाया गया है। पूर्व मीडिया सलाहकार महेंद्र भारद्वाज के बेटे और टोंक की आंवा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच दिव्यांश भारद्वाज भी प्रदेश मंत्री के रूप में संगठन में अपनी सेवाएं देंगे।
एबीवीपी के पूर्व बागी और विवादित चेहरों को भी जगह
इस टीम में भाजपा के छात्र संगठन एबीवीपी (ABVP) से जुड़े रहे कई कद्दावर युवा नेताओं को अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिनमें से कुछ पूर्व में छात्र राजनीति के दौरान बागी भी रह चुके हैं। सबसे ज्यादा चर्चा बी.के. कुशवाह को प्रदेश मंत्री बनाए जाने को लेकर हो रही है। कुशवाह पर पूर्व में कथित तौर पर अवैध हथियार (देशी कट्टा और कारतूस) के मामले में पकड़े जाने के आरोप लगे थे। हालांकि, उनके चयन पर उठ रहे सवालों को लेकर मोर्चा नेतृत्व ने साफ किया है कि वे अदालत से पूरी तरह बरी हो चुके हैं और वर्तमान में पार्टी के बेहद सक्रिय कार्यकर्ता हैं।
युवाओं को जोड़ने के लिए 7 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री और 9 मंत्रियों की फौज तैयार
मरुधरा के युवाओं को पार्टी से जोड़ने के लिए भाजयुमो ने अपनी कोर टीम में भारी फेरबदल किया है। इस 'जंबो' कार्यकारिणी में संतुलन साधने के लिए पदों का बड़ा वितरण किया गया है। 7 उपाध्यक्ष, 3 महामंत्री और 9 मंत्रियों की यह फौज आगामी सांगठनिक कार्यों और युवा आंदोलनों को गति देने का काम करेगी। भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष शंकर गोरा का कहना है कि जो कार्यकर्ता मैदान पर सक्रिय हैं और पार्टी के लिए लगातार काम कर रहे हैं, उन सभी कर्मठ युवाओं को इस नई टीम में खुलकर काम करने का मौका दिया गया है।

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